आजमगढ़ की वोटर लिस्ट में एक ही नाम 13 बार! अखिलेश यादव के आरोपों के बाद निर्वाचन विभाग की कार्रवाई
आजमगढ़ की मतदाता सूची में विकास यादव नाम 13 बार दर्ज मिलने का मामला सामने आया है। अखिलेश यादव के आरोपों के बाद निर्वाचन विभाग की जांच में एक कंप्यूटर सहायक और पांच BLO पर कार्रवाई हुई।
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मतदाता सूची को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। निर्वाचन विभाग की जांच में विकास यादव नाम एक मतदाता सूची में 13 बार दर्ज मिला है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 15 अक्टूबर को लखनऊ में पार्टी मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मतदाता सूची से जुड़ा यह मुद्दा उठाया था। इसके बाद मामले की जांच हुई और विभाग ने एक कंप्यूटर सहायक समेत पांच बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के खिलाफ कार्रवाई की है।
अखिलेश यादव ने उठाया था मतदाता सूची का मुद्दा
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने 15 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ियों का आरोप लगाया था। उन्होंने इस मुद्दे को उठाते हुए निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची की शुद्धता पर सवाल खड़े किए थे।
इसके बाद आजमगढ़ में मतदाता सूची की जांच की गई। निर्वाचन विभाग की जांच में विकास यादव नाम की 13 प्रविष्टियां मिलने की बात सामने आई है।
जांच में क्या सामने आया?
रिपोर्ट के मुताबिक, आजमगढ़ की मतदाता सूची में विकास यादव नाम 13 बार दर्ज पाया गया। इस मामले में निर्वाचन विभाग ने कार्रवाई करते हुए एक कंप्यूटर सहायक और पांच बीएलओ के खिलाफ कदम उठाया है।
हालांकि, एक ही नाम कई बार दर्ज मिलने का अर्थ अपने आप में यह साबित नहीं करता कि एक ही व्यक्ति ने कई बार मतदान किया है। यह स्पष्ट करने के लिए प्रविष्टियों का सत्यापन, संबंधित मतदाताओं की पहचान और विभागीय जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
मतदाता सूची की शुद्धता पर फिर उठे सवाल
मतदाता सूची में एक ही नाम की कई प्रविष्टियां मिलने का मामला सामने आने के बाद सूची तैयार करने और उसका सत्यापन करने की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। निर्वाचन विभाग की कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि मामले को लेकर जांच की गई है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में इन प्रविष्टियों के पीछे क्या वजह सामने आती है और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी किस स्तर पर तय की जाती है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सभी प्रविष्टियां फर्जी थीं या किसी ने उनका इस्तेमाल करके कई बार मतदान किया।

