आचार संहिता से पहले बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 15 RAS अफसर बदले: 10 APO, सभी को तुरंत जॉइनिंग के निर्देश
पंचायतीराज चुनाव की आचार संहिता से पहले राजस्थान में 15 RAS अधिकारियों का तबादला किया गया है। 10 अधिकारियों को APO किया गया है।
राजस्थान में पंचायतीराज चुनावों की आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। सरकार ने 15 RAS अधिकारियों के तबादले किए हैं, जबकि इनमें से 10 अधिकारियों को APO यानी Awaiting Posting Orders किया गया है। तबादला आदेश जारी होने के बाद सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से रिलीव करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस फेरबदल में ज्यादातर अधिकारी SDO स्तर के हैं। सरकार के आदेश के मुताबिक तबादला किए गए अधिकारियों को नई जगह पर जल्द से जल्द कार्यभार संभालना होगा। वहीं APO किए गए अधिकारियों को फिलहाल नई पोस्टिंग का इंतजार करना होगा।
आचार संहिता से पहले क्यों अहम है यह फेरबदल?
पंचायतीराज चुनावों को लेकर जल्द ही आचार संहिता लागू होने की संभावना के बीच सरकार का यह प्रशासनिक फेरबदल महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के तबादलों पर प्रतिबंध रहता है।
आमतौर पर कलेक्टर, SDO, तहसीलदार सहित चुनावी प्रक्रिया से सीधे जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण आचार संहिता लागू होने के बाद आसानी से नहीं किए जा सकते। किसी विशेष परिस्थिति में तबादले की जरूरत पड़ने पर राज्य निर्वाचन आयोग की अनुमति आवश्यक होती है।

ऐसे में आचार संहिता लागू होने से पहले किए गए इन तबादलों के बाद अधिकारियों को तत्काल रिलीव करने और नई जगह जॉइन करने के निर्देश दिए गए हैं।
10 अधिकारी APO, SDO स्तर के अफसरों की संख्या ज्यादा
सरकार की ओर से जारी आदेश में कुल 15 RAS अधिकारियों का प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। इनमें 10 अधिकारियों को APO किया गया है। यानी इन अधिकारियों को फिलहाल किसी पद पर तैनात नहीं किया गया है और वे नई पोस्टिंग के आदेश का इंतजार करेंगे।
वहीं बाकी अधिकारियों को अलग-अलग पदों पर नई जिम्मेदारी दी गई है। इस बदलाव में SDO स्तर के अधिकारियों की संख्या अधिक होने के कारण आने वाले पंचायतीराज चुनावों के प्रशासनिक प्रबंधन के लिहाज से भी इसे अहम माना जा रहा है।
तुरंत प्रभाव से रिलीव करने के निर्देश
सरकार ने आदेश में तबादले के साथ ही संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से रिलीव करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को बिना किसी देरी के नई जगह पर कार्यभार संभालना होगा। प्रशासनिक फेरबदल ऐसे समय हुआ है जब प्रदेश में पंचायतीराज चुनावों की तैयारियां तेज हो चुकी हैं।
यानी आचार संहिता लागू होने से पहले राजस्थान में प्रशासनिक स्तर पर सरकार ने बड़ा बदलाव कर दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान इन पदों पर प्रशासनिक व्यवस्था किस तरह काम करती है।

