दिवाली से पहले चमकेगा जयपुर, 3000 सफाईकर्मी, 6000 नई लाइटें, 31 अक्टूबर को ऑपरेशन क्लीन स्वीप 2.0
दिवाली से पहले जयपुर में 3000 अतिरिक्त सफाईकर्मी, 6000 नई LED लाइटें और सभी 150 वार्डों में 50 लाख रुपये तक के विकास कार्यों की तैयारी। जानें ऑपरेशन क्लीन स्वीप 2.0 और रंग दे गुलाबी 2.0 की पूरी योजना।
दिवाली से पहले जयपुर की सड़कों, बाजारों और कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए नगर निगम ने 100 दिवसीय कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत शहर में 30 दिनों के लिए 3000 अतिरिक्त सफाई कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। वहीं, दिवाली से पहले 6000 नई एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाने का लक्ष्य रखा गया है। नगर निगम ने 31 अक्टूबर को शहरभर में 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप 2.0' और 24 अक्टूबर को 'रंग दे गुलाबी 2.0' अभियान आयोजित करने की योजना बनाई है। इसके साथ ही शहर के सभी 150 वार्डों में स्वच्छता उत्सव आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक वार्ड में पार्षद की अनुशंसा पर 50 लाख रुपए तक के विकास कार्य भी कराए जाएंगे। शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान मेयर सुनील कोठारी ने इस कार्ययोजना की जानकारी दी।
15 अक्टूबर से 14 नवंबर तक 3000 अतिरिक्त सफाई कर्मचारी
त्योहारी सीजन में बाजारों और रिहायशी इलाकों में कचरे की मात्रा बढ़ने की संभावना को देखते हुए नगर निगम ने अतिरिक्त सफाई व्यवस्था की योजना बनाई है। इसके तहत 15 अक्टूबर से 14 नवंबर तक 3000 अतिरिक्त सफाई कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जेसीबी, डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित 45 मशीनी यूनिट दूसरी पारी में भी संचालित की जाएंगी। इस व्यवस्था पर करीब 5 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। संकरी गलियों की सफाई के लिए आठ लीटर पिक-अप मशीनें खरीदी जाएंगी। वहीं, सीवर जाम और ओवरफ्लो की समस्या से निपटने के लिए 50 सीवर जेटिंग मशीनों के संचालन और रखरखाव की व्यवस्था की जाएगी।
31 अक्टूबर को ऑपरेशन क्लीन स्वीप 2.0
नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा के अनुसार, 31 अक्टूबर को शहर में 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप 2.0' के तहत विशेष रात्रिकालीन सफाई अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा सड़कों की मरम्मत, नालियों की सफाई और निर्माण कार्यों से निकलने वाले मलबे के उठाव को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
दिवाली से पहले 6000 और बाद में 4000 स्ट्रीट लाइटें
जयपुर की प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम ने अगले 100 दिनों में 10 हजार नई एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाने का लक्ष्य रखा है। इनमें से 6000 लाइटें दिवाली से पहले और शेष 4000 लाइटें दिवाली के बाद लगाई जाएंगी। नगर निगम की योजना के अनुसार, इससे शहर के विभिन्न इलाकों में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
24 अक्टूबर को 'रंग दे गुलाबी 2.0' अभियान
जयपुर के सौंदर्यीकरण के लिए 24 अक्टूबर को 'रंग दे गुलाबी 2.0' अभियान आयोजित किया जाएगा। इसके तहत सार्वजनिक स्थलों और दीवारों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। वहीं, दिवाली के अवसर पर 'खुशियों वाली दिवाली' कार्यक्रम के तहत वार्डों, आवासीय और व्यावसायिक परिसरों तथा बाजारों की सजावट की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। व्यापार मंडलों को सफाई और अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग के लिए पहले के सात दिनों के बजाय 11 दिन दिए जाएंगे।
सभी 150 वार्डों में 50 लाख तक के विकास कार्य
मेयर सुनील कोठारी ने बताया कि नगर निगम की 100 दिवसीय कार्ययोजना में सभी 150 वार्डों को शामिल किया गया है। प्रत्येक वार्ड में संबंधित पार्षद की अनुशंसा पर 50 लाख रुपए तक के विकास कार्य कराए जाएंगे। इनमें सफाई, कचरा प्रबंधन, सड़क और नाली सुधार सहित स्थानीय जरूरतों से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। नगर निगम ने सभी वार्डों में समान रूप से काम कराने की योजना बनाई है।
465.14 करोड़ रुपए के सीवरेज कार्य भी होंगे शुरू
नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने बताया कि अमृत 2.0 योजना के तहत 465.14 करोड़ रुपए के सीवरेज कार्यों के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। इन कार्यों को सात जोन में तीन पैकेज के तहत शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही शहर में सीवर जाम, ओवरफ्लो, नालियों की सफाई और सड़क मरम्मत जैसी समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाएगा।
पॉलीथिन पर रोक और जुर्माना वसूली पर जोर
उपमहापौर सरोज कंवर ने स्वच्छता नियमों की पालना सुनिश्चित करने की जरूरत बताई। उन्होंने नियमों का उल्लंघन करने वालों से जुर्माना वसूलने और पॉलीथिन के उपयोग पर रोक लगाने पर जोर दिया। नगर निगम की इस कार्ययोजना का उद्देश्य दिवाली से पहले शहर में सफाई, रोशनी और सौंदर्यीकरण की व्यवस्था बेहतर बनाना है। साथ ही अगले 100 दिनों में विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं में सुधार करने का लक्ष्य रखा गया है।

