₹1,119 तक जा सकती है Jio IPO शेयर की कीमत, 30,200 करोड़ जुटाने की तैयारी; निवेशकों की नजर लिस्टिंग पर

Jio IPO 2026 को लेकर बड़ी चर्चा! रिपोर्ट्स में ₹1,065–₹1,119 प्राइस बैंड और अक्टूबर की तारीखों का जिक्र। जानें वैल्यूएशन, फंड का इस्तेमाल और निवेश से पहले जरूरी बातें।

₹1,119 तक जा सकती है Jio IPO शेयर की कीमत, 30,200 करोड़ जुटाने की तैयारी; निवेशकों की नजर लिस्टिंग पर

मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो के प्रस्तावित आईपीओ को लेकर शेयर बाजार में हलचल तेज है। सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स ने आईपीओ के लिए 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। रिपोर्ट में इश्यू के जरिए करीब 30,200 करोड़ रुपये जुटाने की बात कही गई है। अगर ये आंकड़े आधिकारिक रूप से पुष्ट होते हैं, तो यह भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल हो सकता है।

निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि देश की प्रमुख डिजिटल कंपनियों में शामिल जियो का शेयर बाजार में प्रवेश किस तरह का प्रदर्शन करता है। हालांकि, किसी बड़े आईपीओ का आकार अपने आप में मुनाफे की गारंटी नहीं होता।

क्या है Jio IPO का प्राइस बैंड?

रिपोर्ट के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। इस आधार पर कंपनी का इक्विटी वैल्यूएशन करीब 9.8 लाख करोड़ से 10.3 लाख करोड़ रुपये के बीच बताया गया है।

आईपीओ में निवेश करने से पहले निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की वृद्धि, प्रतिस्पर्धा और शेयरों की कीमत के मुकाबले कंपनी के संभावित मूल्यांकन को समझना जरूरी होगा।

 कब खुलेगा Jio IPO और कब होगी लिस्टिंग?

उपलब्ध रिपोर्ट में आईपीओ के लिए 21 से 23 अक्टूबर 2026 की तारीखें बताई गई हैं। वहीं, शेयरों की संभावित लिस्टिंग 28 अक्टूबर को होने का उल्लेख है। इन तारीखों की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही निवेशक अपनी तैयारी को अंतिम रूप दें।

 जुटाई गई रकम का कहां होगा इस्तेमाल?

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित आईपीओ से जुटाई जाने वाली राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा 5G नेटवर्क के विस्तार, डेटा सेंटर बनाने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI तकनीक के विकास पर भी निवेश किए जाने की बात कही गई है।

इन क्षेत्रों में निवेश जियो के डिजिटल कारोबार को आगे बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, कंपनी की वास्तविक योजनाओं और फंड के इस्तेमाल की पुष्टि आधिकारिक आईपीओ दस्तावेजों से की जानी चाहिए।

भारत के बड़े आईपीओ में क्यों हो रही है इसकी चर्चा?

रिपोर्ट में जियो के प्रस्तावित 30,200 करोड़ रुपये के इश्यू की तुलना हुंडई मोटर इंडिया के 27,858.75 करोड़ रुपये के आईपीओ से की गई है। इसी वजह से जियो का प्रस्तावित इश्यू बाजार में विशेष चर्चा का विषय बना हुआ है।

बड़े आईपीओ में संस्थागत निवेशकों के साथ खुदरा निवेशकों की भी दिलचस्पी रहती है। लेकिन इश्यू का आकार, कंपनी की लोकप्रियता और बाजार में चर्चा निवेश के फैसले का अकेला आधार नहीं होना चाहिए।

निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?

Jio IPO में निवेश पर विचार करने वाले लोगों को कंपनी के आधिकारिक रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP), वित्तीय नतीजों, जोखिमों, शेयरों के मूल्यांकन और इश्यू की शर्तों को ध्यान से पढ़ना चाहिए। साथ ही, आईपीओ में निवेश से लिस्टिंग के दिन मुनाफा होना तय नहीं है। शेयर की कीमत बाजार की परिस्थितियों के अनुसार नीचे भी जा सकती है।