पंचायत चुनाव से पहले ‘गांव’ पर बीजेपी का फोकस, सीएम भजनलाल ने सरपंचों से किया संवाद

राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले सीएम भजनलाल शर्मा ने जयपुर में सरपंचों और पंचायती राज जनप्रतिनिधियों से संवाद किया। ग्रामीण विकास और सरकारी योजनाओं पर चर्चा हुई।

पंचायत चुनाव से पहले ‘गांव’ पर बीजेपी का फोकस, सीएम भजनलाल ने सरपंचों से किया संवाद

जयपुर में आयोजित पंचायती राज जनप्रतिनिधि सम्मेलन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ग्रामीण विकास, सरकारी योजनाओं और पंचायतों की भूमिका पर चर्चा की। अलग-अलग जिलों से सरपंच व जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से भी कार्यक्रम से जुड़े।

जयपुर। राजस्थान में आगामी पंचायत चुनाव से पहले गांवों और पंचायत स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 2 अक्टूबर को जयपुर में पंचायती राज जनप्रतिनिधियों और सरपंचों से संवाद किया। कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से भी जुड़े।

जयपुर के माहेश्वरी पब्लिक स्कूल स्थित तक्षशिला ऑडिटोरियम में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास, जनसेवा और सरकारी योजनाओं को पंचायत स्तर तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर जोर दिया।

‘गांव मजबूत होंगे तो विकसित भारत का संकल्प मजबूत होगा’

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और ग्रामीण क्षेत्रों का विकास देश के विकास से जुड़ा है। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं को स्थानीय विकास और नेतृत्व की महत्वपूर्ण कड़ी बताया।

सीएम ने सरपंचों से अपील की कि वे यह सुनिश्चित करें कि सरकार की योजनाओं का लाभ गांव के अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों में किए जा रहे विकास कार्यों और स्थानीय स्तर पर किए गए नवाचारों की जानकारी भी साझा की।

नवाचार करने वाले सरपंचों को किया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम करने वाले पंचायती राज जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। इनमें स्वच्छता, बालिका शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण और सामुदायिक गतिविधियों से जुड़े प्रयास शामिल रहे।

आदिवासी क्षेत्र के एक सरपंच ने बालिकाओं की शिक्षा के लिए हॉस्टल निर्माण और आसपास के गांवों की छात्राओं को शिक्षा से जोड़ने की पहल बताई। वहीं झुंझुनूं जिले की एक सरपंच ने गांव में शुरू किए गए बर्तन बैंक के बारे में जानकारी साझा की।

‘आज भी गांव में लोग मुझे सरपंच साहब कहते हैं’

मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक जीवन से जुड़ा अनुभव साझा करते हुए सरपंच पद की स्थानीय अहमियत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज भी जब वह अपने गांव जाते हैं तो लोग उन्हें मुख्यमंत्री के बजाय ‘सरपंच साहब’ कहकर संबोधित करते हैं।

उन्होंने कहा कि सरपंच की पहचान और जिम्मेदारी लंबे समय तक गांव के लोगों से जुड़ी रहती है। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका केवल चुनाव तक सीमित नहीं रहती, बल्कि गांव के विकास और लोगों की समस्याओं के समाधान में भी महत्वपूर्ण होती है।

कांग्रेस पर सीएम का निशाना, चुनाव और विकास को लेकर कही ये बात

पंचायत चुनाव के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव होने से विकास कार्यों की गति प्रभावित होती है और सरकारी संसाधनों पर अतिरिक्त खर्च होता है।

सीएम ने रोजगार के मुद्दे पर सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी नियुक्तियां दी गई हैं और कई पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। राजस्थान सरकार की ओर से हालिया बयानों में करीब 1.90 लाख पदों पर नियुक्तियां और 1.22 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी होने की जानकारी दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पिछली सरकार के कामकाज को लेकर भी टिप्पणी की। ये टिप्पणियां मुख्यमंत्री के राजनीतिक बयान के तौर पर सामने आईं।

सरपंचों को दिया ‘अंतिम व्यक्ति’ तक योजना पहुंचाने का संदेश

मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि उनके गांव में कोई पात्र व्यक्ति सरकारी योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से लोगों की समस्याएं सुनने और उनके समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाने को कहा।

कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के राज्य मंत्री ओटाराम देवासी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

पंचायत चुनाव से पहले हुए इस संवाद को ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और पंचायत प्रतिनिधियों से सीधे संवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है।