शाबाश, तेजस्विनी गौतम..." टाइगर श्रॉफ के हमलावरों को दबोचने पर सीएम भजनलाल ने थपथपाई पीठ!

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में कोटा पुलिस की कार्रवाई पर सीएम भजनलाल शर्मा ने एसपी तेजस्विनी गौतम से फोन पर बात कर टीम का हौसला बढ़ाया। जानें पूरा मामला।

शाबाश, तेजस्विनी गौतम..." टाइगर श्रॉफ के हमलावरों को दबोचने पर सीएम भजनलाल ने थपथपाई पीठ!

मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग, आरोपियों की दूसरे राज्यों से होते हुए फरारी और फिर राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर पुलिस की कार्रवाई। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कोटा पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम से फोन पर बातचीत कर तीन संदिग्धों को पकड़ने वाली टीम की हौसला अफजाई की है। 

मुख्यमंत्री की इस पहल के बाद उनका अपराधियों को लेकर दिया जाने वाला सख्त संदेश भी एक बार फिर चर्चा में है 'राजस्थान में कोई अपराधी आ नहीं सकता, आएगा तो जा नहीं सकता।' टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में संदिग्धों को राजस्थान के रास्ते आगे निकलने से पहले कोटा में पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई को प्रदेश पुलिस की सतर्कता और विभिन्न राज्यों की जांच एजेंसियों के बीच समन्वय के महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने SP तेजस्विनी गौतम से की फोन पर बात - 

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कोटा एसपी तेजस्विनी गौतम से फोन पर बातचीत की और टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले के तीन संदिग्धों को पकड़ने पर पुलिस टीम की हौसला अफजाई की। कोटा पुलिस की इस कार्रवाई में तत्काल सूचना पर सक्रियता दिखाते हुए रेलवे स्टेशन पर निगरानी की गई और ट्रेन से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। मुख्यमंत्री की ओर से पुलिस टीम का उत्साहवर्धन ऐसे समय हुआ है, जब मुंबई में हुई इस वारदात की जांच में राजस्थान पुलिस की भूमिका सामने आई है।

'राजस्थान में आएगा तो जा नहीं पाएगा', फिर चर्चा में मुख्यमंत्री का संदेश - 

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश देते रहे हैं। उनका चर्चित संदेश रहा है कि राजस्थान में अपराधियों को पनपने नहीं दिया जाएगा और अपराध करके भागने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा। टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में संदिग्धों को कोटा रेलवे स्टेशन पर पकड़ने के बाद इस संदेश की फिर चर्चा हो रही है। हालांकि, इस मामले में पकड़े गए संदिग्धों पर लगे आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

मुंबई से भागे संदिग्ध कोटा में कैसे पकड़े गए? - 

मुंबई में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में पुलिस तीन संदिग्धों की तलाश कर रही थी। जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, वारदात के बाद संदिग्ध अलग-अलग रास्तों से होते हुए सूरत पहुंचे। इसके बाद वे पुणे-जयपुर ट्रेन से राजस्थान की ओर बढ़ रहे थे। कोटा पुलिस को उनकी यात्रा की सूचना मिली। एसपी तेजस्विनी गौतम के निर्देश पर पुलिस टीम तुरंत रेलवे स्टेशन पहुंची और सिविल ड्रेस में निगरानी शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि ट्रेन रुकने पर एक संदिग्ध गेट की ओर आया। पुलिस ने उसका चेहरा पहचानकर उसे पकड़ लिया। इसके बाद ट्रेन के अंदर से उसके दो अन्य साथियों को भी हिरासत में लिया गया।

सुबह 10:18 बजे तीन संदिग्ध पकड़े गए - 

कोटा एसपी तेजस्विनी गौतम के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 10:18 बजे पुणे-जयपुर ट्रेन संख्या 12939 से तीन संदिग्धों को पकड़ा गया।

इनकी पहचान इस प्रकार बताई गई है। 

1. रेहान उर्फ सुक्का - निवासी सोनीपत, हरियाणा

2. ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन - निवासी बेगूसराय, बिहार

3. एक नाबालिग - निवासी सोनीपत, हरियाणा

जानकारी के मुताबिक, तीनों ट्रेन के जनरल कोच में अलग-अलग स्थानों पर बैठे थे। पुलिस ने उन्हें कोटा स्टेशन पर रोककर हिरासत में लिया। 

जयपुर से दिल्ली और फिर नेपाल जाने की थी कथित योजना - 

जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, तीनों संदिग्धों की योजना ट्रेन से जयपुर पहुंचने की थी। इसके बाद वे बस से दिल्ली और वहां से नेपाल की ओर जाने की फिराक में बताए गए हैं। हालांकि, नेपाल जाने की योजना को जांच में सामने आए दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। कोटा पुलिस की कार्रवाई के कारण तीनों संदिग्ध जयपुर पहुंचने से पहले ही पकड़े गए।

लॉरेंस गैंग से जुड़े होने की बात आई सामने - 

एसपी तेजस्विनी गौतम के हवाले से दी गई जानकारी में तीनों संदिग्धों के लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने की बात कही गई है। पुलिस के अनुसार, रेहान उर्फ सुक्का कथित गैंग सदस्य अनिल पंडित के संपर्क में था। बताया गया है कि रेहान ने सोनीपत के एक नाबालिग को भी कथित योजना में शामिल किया था। हालांकि, गैंग से संबंध और वारदात में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की विस्तृत जांच मुंबई पुलिस के स्तर पर होनी है।

CI रामबिलास मीणा और रामस्वरूप मीणा की टीम ने की कार्रवाई - 

इस ऑपरेशन में सीआई रामबिलास मीणा, सीआई रामस्वरूप मीणा और पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की सक्रियता अहम रही। जानकारी के अनुसार, एसपी से निर्देश मिलते ही पुलिसकर्मी बेहद कम समय में रेलवे स्टेशन के लिए रवाना हो गए। टीम ने सिविल ड्रेस में प्लेटफॉर्म और आउटर क्षेत्र में निगरानी की, ताकि संदिग्धों को पुलिस की मौजूदगी का पता न चले। संदिग्धों की पहचान होते ही पुलिस ने कार्रवाई की और तीनों को पकड़ लिया।

ट्रेन में बाल काटकर पहचान छिपाने की भी बात - 

जांच से जुड़े विवरण के अनुसार, एक संदिग्ध ने फरारी के दौरान ट्रेन में ही कैंची से अपने बाल काट लिए थे। बताया जा रहा है कि ऐसा हुलिया बदलकर पुलिस की पहचान से बचने के लिए किया गया था।

इसके अलावा कुछ मोबाइल फोन तोड़कर फेंकने और अन्य फोन बरामद होने की जानकारी भी सामने आई है। इन तथ्यों की आगे की जांच से वारदात और संदिग्धों के संपर्कों के बारे में अतिरिक्त जानकारी मिल सकती है।

मुंबई पुलिस को सौंपे गए संदिग्ध - 

तीनों संदिग्धों को पकड़ने के बाद कोटा पुलिस ने उनसे प्रारंभिक पूछताछ की। इसके बाद आगे की कार्रवाई के लिए उन्हें मुंबई पुलिस के हवाले किए जाने की जानकारी सामने आई है। अब मुंबई पुलिस को यह स्पष्ट करना है कि फायरिंग की साजिश किसने रची, संदिग्धों को किसने निर्देश दिए और कथित आपराधिक नेटवर्क की इसमें क्या भूमिका थी।

मुख्यमंत्री के फोन से पुलिस टीम का बढ़ा उत्साह - 

कोटा पुलिस की कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का एसपी तेजस्विनी गौतम को फोन करना पुलिस टीम के लिए उत्साहवर्धन का संदेश है। इस मामले में राजस्थान पुलिस ने मुंबई में हुई कथित वारदात के संदिग्धों को राज्य के रास्ते आगे निकलने से पहले रोकने में भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री के अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख और कोटा पुलिस की इस कार्रवाई के बीच अब एक बार फिर वही संदेश चर्चा में है। राजस्थान में अपराधियों के लिए बच निकलना आसान नहीं होगा। फिलहाल तीनों संदिग्धों की कथित भूमिका, गैंग से संबंध और वारदात के पीछे की साजिश की जांच जारी है।