निकाय चुनाव से पहले चौमूं BJP का शक्ति प्रदर्शन, रामलाल शर्मा बोले- टिकट के बाद मतभेद भूलकर प्रत्याशी को जिताएं

चौमूं में निकाय चुनाव से पहले BJP ने कार्यकर्ता सम्मेलन कर चुनावी रणनीति पर मंथन किया। रामलाल शर्मा ने टिकट के बाद एकजुटता और बूथ स्तर की मजबूती पर जोर दिया।

निकाय चुनाव से पहले चौमूं BJP का शक्ति प्रदर्शन, रामलाल शर्मा बोले- टिकट के बाद मतभेद भूलकर प्रत्याशी को जिताएं

नगर निकाय चुनाव से पहले भाजपा ने चौमूं में संगठन को चुनावी मोड में लाना शुरू कर दिया है। रेनवाल रोड स्थित रजवाड़ा गार्डन में भाजपा नगर मंडल चौमूं की ओर से 'कार्यकर्ता सम्मेलन एवं संवाद कार्यक्रम' आयोजित किया गया। सम्मेलन में नगर परिषद चुनाव प्रभारी सुमन शर्मा, जयपुर जिला देहात उत्तर जिलाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा, भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक रामलाल शर्मा सहित पार्टी के पदाधिकारी, बूथ स्तर के कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी रणनीति, वार्ड स्तर की तैयारियों और संगठन की स्थिति को लेकर संवाद किया।

रामलाल बोले- यह कार्यकर्ताओं की प्रतिष्ठा का चुनाव

पूर्व विधायक रामलाल शर्मा ने निकाय चुनाव को केवल प्रत्याशियों की लड़ाई नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं की प्रतिष्ठा से जुड़ा चुनाव बताया। उन्होंने कहा, “यह चुनाव केवल उम्मीदवारों का नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की मेहनत, निष्ठा और प्रतिष्ठा का चुनाव है। पार्टी प्रत्येक वार्ड में सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ता को चुनाव मैदान में उतारने का काम करेगी।” सम्मेलन में टिकट की दावेदारी को लेकर भी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया गया। रामलाल शर्मा ने कहा कि पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता को अपनी दावेदारी रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन टिकट घोषित होने के बाद व्यक्तिगत मतभेदों को पीछे छोड़ना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि प्रत्याशी घोषित होने के बाद सभी को एकजुट होकर भाजपा उम्मीदवार को जिताने के लिए मैदान में उतरना चाहिए।

टिकट से पहले दावेदारी, टिकट के बाद एकजुटता

निकाय चुनाव में एक ही वार्ड से कई नेताओं की दावेदारी पार्टी के लिए चुनौती बन सकती है। सम्मेलन में भाजपा नेतृत्व का फोकस इसी संभावित अंदरूनी प्रतिस्पर्धा को चुनाव से पहले संभालने पर भी दिखाई दिया। कार्यकर्ताओं को संदेश दिया गया कि टिकट मिलने तक दावेदारी स्वाभाविक है, लेकिन टिकट के बाद संगठन का फैसला सर्वोपरि होना चाहिए। रामलाल शर्मा ने वार्ड प्रभारियों और सह-प्रभारियों से अपने क्षेत्रों की वास्तविक राजनीतिक स्थिति की जानकारी लगातार संगठन तक पहुंचाने को भी कहा, ताकि उसी आधार पर चुनावी रणनीति तैयार की जा सके।

जितेंद्र शर्मा का दावा- चौमूं में बनाएंगे भाजपा का बोर्ड

जयपुर जिला देहात उत्तर जिलाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा ने भाजपा को विचार और अनुशासन पर आधारित पार्टी बताते हुए कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी की असली ताकत जमीन पर लगातार काम करने वाला कार्यकर्ता है। जितेंद्र शर्मा ने दावा किया कि सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे और चौमूं नगर परिषद में प्रचंड बहुमत से भाजपा का बोर्ड बनाएंगे।

सुमन शर्मा बोलीं- प्रभारी नहीं, सहयोगी बनकर करूंगी काम

चौमूं नगर परिषद की चुनाव प्रभारी सुमन शर्मा ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में चौमूं क्षेत्र के लिए करोड़ों रुपए के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। सुमन शर्मा ने कहा कि वह चुनाव प्रभारी के रूप में केवल निर्देश देने के बजाय कार्यकर्ताओं के साथ सहयोगी की भूमिका में काम करेंगी और लक्ष्य चौमूं नगर परिषद में भाजपा का बोर्ड बनाना है।

वार्ड से बूथ तक चुनावी नेटवर्क तैयार करने पर जोर

सम्मेलन में भाजपा का सबसे ज्यादा फोकस वार्ड और बूथ स्तर की तैयारियों पर रहा। वार्ड संयोजक, सह-संयोजक, प्रभारी, सह-प्रभारी, बूथ अध्यक्ष और शक्ति केंद्र प्रमुखों को चुनावी रणनीति में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया। स्थानीय स्तर पर मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने के साथ प्रत्येक वार्ड की राजनीतिक स्थिति और संभावित चुनावी समीकरणों की जानकारी संगठन तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम में नगर मंडल चौमूं अध्यक्ष बाबूलाल सैनी, कालाडेरा मंडल अध्यक्ष लालचंद यादव, जिला उपाध्यक्ष अर्चना कुमावत, पूर्व जिला उपाध्यक्ष बजरंग लाल सोनी, पूर्व मंडल अध्यक्ष गजानंद कुमावत, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष आशीष दुसाद, नानूराम सैनी, कालूराम जाट, पूर्व प्रधान महेश मीणा, दिनेश गोरा, राजकुमार सैनी, जयप्रकाश चौधरी, योगेश्वर दास, श्याम कुमावत, हजारी लाल शर्मा और पवन चोपड़ा सहित पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सम्मेलन में विभिन्न वार्डों के संयोजक, बूथ अध्यक्ष, शक्ति केंद्र प्रमुख, संचालन समिति सदस्य और जनप्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

निकाय चुनाव से पहले BJP की पहली चुनौती- टिकट के बाद न हो बगावत

चौमूं के इस सम्मेलन का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश 'एकजुटता' रहा। निकाय चुनाव में स्थानीय स्तर पर टिकट के कई दावेदार होना सामान्य है। ऐसे में किसी एक प्रत्याशी के चयन के बाद नाराज नेताओं और उनके समर्थकों को साथ रखना राजनीतिक दलों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। रामलाल शर्मा का दावेदारी के अधिकार के साथ टिकट घोषित होने के बाद मतभेद खत्म करने का संदेश इसी चुनौती की तरफ इशारा करता है। भाजपा अब वार्ड स्तर से फीडबैक लेकर प्रत्याशी चयन और चुनावी रणनीति को धार देने की तैयारी में है। ऐसे में चौमूं में असली परीक्षा केवल कांग्रेस या दूसरे दलों से मुकाबले की नहीं होगी, बल्कि टिकट वितरण के बाद अपने सभी दावेदारों को एक मंच पर बनाए रखने की भी होगी। यही वजह है कि चुनाव से पहले हुए इस कार्यकर्ता सम्मेलन में भाजपा का संदेश साफ रहा। दावेदारी कितनी भी हो, टिकट एक को मिलेगा और चुनाव पूरी पार्टी को मिलकर लड़ना होगा।