National Teachers Award 2026: 48 शिक्षकों के नाम घोषित, राजस्थान समेत इन राज्यों को मिला सम्मान; 5 सितंबर को राष्ट्रपति देंगी पुरस्कार

National Teachers Award 2026 के लिए 48 शिक्षकों का चयन हुआ है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 5 सितंबर को शिक्षकों को सम्मानित करेंगी। जानें राज्यों और चयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी।

National Teachers Award 2026: 48 शिक्षकों के नाम घोषित, राजस्थान समेत इन राज्यों को मिला सम्मान; 5 सितंबर को राष्ट्रपति देंगी पुरस्कार
National teacher award 2026

देश के उन शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपने काम से अलग पहचान बनाई है। केंद्र सरकार ने National Teachers Award 2026 के लिए 48 शिक्षकों के नाम घोषित कर दिए हैं। चयनित शिक्षकों को शिक्षक दिवस के मौके पर 5 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सम्मानित करेंगी।

इस बार की सूची में देश के अलग-अलग राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के अधीन संचालित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक शामिल हैं। खास बात यह है कि चयनित 48 शिक्षकों में 26 पुरुष और 22 महिला शिक्षक हैं।

राजस्थान समेत कई राज्यों के शिक्षकों का चयन

National Teachers Award 2026 की सूची में उत्तर प्रदेश से तीन शिक्षक चुने गए हैं। वहीं राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार से दो-दो शिक्षकों का चयन हुआ है।

इसके अलावा 27 राज्यों, 7 केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के 6 संगठनों से शिक्षकों को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया है। केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, पीएम श्री स्कूल और आदर्श जनजातीय विद्यालयों समेत अलग-अलग संस्थानों के शिक्षकों को भी सूची में जगह मिली है।

48 शिक्षकों में 22 महिलाएं

इस बार पुरस्कार के लिए चुने गए 48 शिक्षकों में महिला शिक्षकों की भी मजबूत भागीदारी है। कुल 22 महिला और 26 पुरुष शिक्षक राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुने गए हैं।

अंडमान और निकोबार से जे. प्रकाश राव, आंध्र प्रदेश से राजेश कौलुरी, अरुणाचल प्रदेश से याकू तामे और असम से राजेश बोरदोलोई का चयन किया गया है। दिल्ली से सुमन गोयल और जनजातीय मामलों के मंत्रालय के एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल से जफर आलम भी पुरस्कार पाने वालों में शामिल हैं।

गोवा से महादेव हनमंत शिंदे, गुजरात से नितिन कुमार महेंद्रकुमार पाठक, हरियाणा से अनिल कौशिक, हिमाचल प्रदेश से मंजरी वी. महाजन और जम्मू-कश्मीर से मोहम्मद अयाज रैना को भी इस सम्मान के लिए चुना गया है।

मध्य प्रदेश से अर्चना शुक्ला समेत कई अन्य राज्यों के शिक्षकों के नाम भी सूची में शामिल हैं।

तीन चरणों में हुआ शिक्षकों का चयन

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार National Teachers Award के लिए चयन प्रक्रिया को तीन स्तरों में पूरा किया गया। पहले जिला स्तर पर शिक्षकों के योगदान का मूल्यांकन किया गया। इसके बाद राज्य स्तर पर चयन प्रक्रिया हुई और अंत में राष्ट्रीय स्तर पर योग्य शिक्षकों का चयन किया गया।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य ऐसे शिक्षकों को सामने लाना है, जिन्होंने केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक अपनी भूमिका सीमित नहीं रखी, बल्कि बच्चों की सीखने की क्षमता, व्यक्तित्व विकास और स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय योगदान दिया।

किन शिक्षकों को मिलता है National Teachers Award?

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार उन शिक्षकों को दिया जाता है, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपने काम से उल्लेखनीय बदलाव लाने की कोशिश की हो। चयन में शिक्षण की गुणवत्ता, नवाचार और विद्यार्थियों के विकास में शिक्षक की भूमिका जैसे पहलुओं को महत्व दिया जाता है।

ऐसे शिक्षक जो पढ़ाने के नए और प्रभावी तरीकों को अपनाते हैं, बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए अलग पहल करते हैं या अपने स्कूल और समुदाय में सकारात्मक बदलाव लाते हैं, उन्हें इस सम्मान के लिए चुना जाता है।

5 सितंबर को राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू चयनित शिक्षकों को National Teachers Award प्रदान करेंगी। यह दिन देश के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के रूप में शिक्षक दिवस के तौर पर मनाया जाता है।

पुरस्कार समारोह में देशभर से चयनित शिक्षक शामिल होंगे और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

1958 में शुरू हुआ था राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार

National Teachers Award की शुरुआत वर्ष 1958 में की गई थी। इसका मूल उद्देश्य देश के उत्कृष्ट और समर्पित शिक्षकों के योगदान को सार्वजनिक रूप से पहचान देना था।

समय के साथ यह पुरस्कार शिक्षकों के लिए देश के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में शामिल हो गया। इसका मकसद सिर्फ शिक्षकों को सम्मानित करना नहीं, बल्कि बेहतर शिक्षण पद्धतियों और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करना भी है।

पिछले साल भी शिक्षकों से मिले थे पीएम मोदी

National Teachers Award पाने वाले शिक्षकों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात भी चर्चा में रहती है। वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री ने पुरस्कार विजेता शिक्षकों से बातचीत की थी। उस दौरान शिक्षा में मातृभाषा और नई शिक्षा नीति जैसे विषयों पर चर्चा हुई थी।

वर्ष 2025 में भी प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों से मुलाकात की थी। इस दौरान शिक्षा, आत्मनिर्भर भारत और अन्य समसामयिक मुद्दों पर बातचीत हुई थी।

सम्मान के साथ बढ़ेगी जिम्मेदारी

National Teachers Award केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि उन शिक्षकों के काम को राष्ट्रीय मंच पर पहचान देने का माध्यम है, जो विद्यार्थियों की शिक्षा और विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं। 2026 की सूची में देश के अलग-अलग हिस्सों से शिक्षकों का चयन यह भी दिखाता है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले शिक्षकों को अलग-अलग स्तरों पर पहचान दी जा रही है।

अब 5 सितंबर को होने वाले समारोह पर सभी की नजर रहेगी, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इन 48 शिक्षकों को राष्ट्रीय सम्मान प्रदान करेंगी।