सिर पर गंडासे से वार, हाथ-पैर तोड़ने का आरोप; पत्नी ने 30 नामजद समेत 60 लोगों पर दर्ज कराई FIR
भरतपुर के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत के मामले में पत्नी कमलेश भड़ाना ने वैर थाने में FIR दर्ज कराई। रिपोर्ट में 30 नामजद और 50-60 अन्य लोगों पर हमले के आरोप हैं।
राजस्थान के भरतपुर जिले में बयाना के पूर्व भाजपा विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत के मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। उनकी पत्नी कमलेश भड़ाना ने वैर थाने में एफआईआर दर्ज कराकर 30 लोगों को नामजद किया है। इसके अलावा 50 से 60 अन्य लोगों पर भी हमले में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत में खनन लीज और क्रेशर संचालन को लेकर चल रहे विवाद के बीच हमला करने, मारपीट, पथराव, फायरिंग और आगजनी के आरोप लगाए गए हैं। एफआईआर के अनुसार, अतर सिंह भड़ाना के हाथ-पैर तोड़े गए और उनके सिर पर गंडासे से वार किया गया था। पुलिस अब शिकायत में बताए गए घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका की जांच करेगी।
खनन लीज और क्रेशर को लेकर चल रहा था विवाद
कमलेश भड़ाना की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, घटना से एक दिन पहले खनन लीज और क्रेशर पर काम करने वाले लोगों के साथ मारपीट हुई थी। इस मामले में भी वैर थाने में प्रकरण दर्ज होने का उल्लेख शिकायत में किया गया है।
आरोप है कि अगले दिन कई लोग एकराय होकर खनन लीज और क्रेशर परिसर में पहुंचे। वहां घुसकर मारपीट और पथराव किया गया। शिकायत में फायरिंग और आगजनी के आरोप भी लगाए गए हैं।
सिर पर गंडासे से वार करने का आरोप
एफआईआर के अनुसार, हमले के दौरान अतर सिंह भड़ाना को निशाना बनाया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनके हाथ-पैर तोड़ दिए गए और सिर पर गंडासे से वार किया गया। गंभीर चोटों के कारण काफी खून बहने और उनकी मौत होने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।
शिकायत में आरोपियों के क्रेशर को नुकसान पहुंचाने और उसे उखाड़ने के इरादे से वहां पहुंचने का भी उल्लेख है। हालांकि, घटनाक्रम और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
30 नामजद, 50 से 60 अन्य लोगों पर आरोप
कमलेश भड़ाना की रिपोर्ट में मुकेश पुत्र हरज्ञान, राजवीर उर्फ मग्गू, जगत, बाबू, बनवारी, भागचंद, विष्णु, हेमसिंह, कौशल, अवतार, शिव सिंह, जितेंद्र और संजय समेत 30 लोगों के नाम शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा 50 से 60 अन्य लोगों को भी आरोपी बताया गया है।
अब पुलिस के सामने शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करने, घटना के साक्ष्य जुटाने और हमले में शामिल लोगों की पहचान करने की चुनौती है। नामजद किए गए लोगों के खिलाफ आरोप साबित होना अभी जांच और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत के मामले में दर्ज इस एफआईआर से खनन लीज और क्रेशर को लेकर विवाद का पहलू सामने आया है। पुलिस को अब घटना के क्रम, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई करनी होगी।
फिलहाल एफआईआर में लगाए गए आरोपों को जांच में साबित होना बाकी है। पुलिस की जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

