निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस का मिशन मोड! टिकट से रणनीति तक जयपुर बैठक में बड़ा मंथन
राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों से पहले कांग्रेस ने जयपुर में अहम बैठक कर चुनावी रणनीति पर मंथन किया। बैठक में उम्मीदवार चयन, बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और भाजपा को घेरने की रणनीति पर चर्चा हुई।
राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों की सरगर्मी बढ़ने के साथ कांग्रेस ने भी अपनी चुनावी तैयारी तेज कर दी है। जयपुर में शुक्रवार को पार्टी की अहम बैठक हुई, जिसमें आगामी नगर निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर संगठन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं, पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
मुहाना स्थित मजेस्टिक रिजॉर्ट में हुई इस बैठक में राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, महासचिव सचिन पायलट और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। बैठक में चुनावी तैयारियों के साथ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने पर जोर दिया गया।
निकाय चुनाव में उम्मीदवार कैसे चुने जाएंगे?
बैठक में सबसे अहम चर्चा आगामी चुनावों में उम्मीदवारों के चयन को लेकर रही। पार्टी की कोशिश है कि स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाले और जनता के बीच सक्रिय नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा जाए। इसके लिए स्थानीय संगठन, जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों से फीडबैक लेकर संभावित उम्मीदवारों के नामों पर मंथन किया जाएगा।

कांग्रेस की रणनीति सिर्फ टिकट बांटने तक सीमित नहीं रहने वाली है। पार्टी संगठन को चुनाव से पहले सक्रिय करने, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देने और कार्यकर्ताओं को सीधे जनता के बीच पहुंचाने की तैयारी में है।
डोटासरा का BJP पर तीखा हमला
बैठक को संबोधित करते हुए पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता सरकार के कामकाज को देख रही है और आने वाले चुनावों में जनता अपने वोट के जरिए जवाब देगी।
डोटासरा ने कार्यकर्ताओं से पंचायत से लेकर नगर निकाय तक कांग्रेस का परचम लहराने का आह्वान किया। उनका कहना था कि करीब ढाई साल के कार्यकाल में भाजपा सरकार की नीतियों और कथित वादाखिलाफी को लेकर जनता में नाराजगी है और कांग्रेस इसे चुनावी मुद्दे के तौर पर जनता के बीच ले जाएगी।
'मदन दिलावर का इस्तीफा कराकर ही रहेंगे'
बैठक में डोटासरा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को लेकर भी आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने दिल्ली में राहुल गांधी के धरने का जिक्र करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से तैयार रहने का आह्वान किया।
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली चलने के लिए तैयार रहें और मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखा जाएगा। इस बयान से साफ है कि कांग्रेस आने वाले दिनों में शिक्षा विभाग और मदन दिलावर से जुड़े मुद्दों को भी राजनीतिक तौर पर जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है।

दिल्ली बॉर्डर घेराव का भी आह्वान
पीसीसी चीफ ने राहुल गांधी के समर्थन में दिल्ली पहुंचने और आंदोलन को मजबूत करने की अपील भी की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे संगठन के आगामी कार्यक्रमों के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
ऐसे में जयपुर की बैठक को सिर्फ निकाय चुनाव की तैयारियों तक सीमित नहीं माना जा रहा है। कांग्रेस एक तरफ स्थानीय चुनावों के लिए संगठन को सक्रिय करने में जुटी है, तो दूसरी तरफ प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की रणनीति बना रही है।
पंचायत से निकाय तक कांग्रेस का फोकस
कांग्रेस नेतृत्व ने बैठक में स्पष्ट संकेत दिया कि पार्टी आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों को गंभीरता से ले रही है। स्थानीय चुनावों को संगठन की जमीनी ताकत परखने के साथ-साथ भाजपा सरकार के खिलाफ माहौल बनाने के अवसर के तौर पर भी देखा जा रहा है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि उम्मीदवारों के चयन में पार्टी किस फॉर्मूले को अपनाती है और स्थानीय नेताओं की राय को कितना महत्व मिलता है। साथ ही, भाजपा के मुकाबले कांग्रेस किन स्थानीय मुद्दों को चुनावी हथियार बनाती है, यह भी आने वाले दिनों में तस्वीर साफ करेगा।

