राहुल गांधी के साथ सुप्रीम कोर्ट मार्च में दिखीं जन्नत बिश्नोई, जानें कौन हैं राजस्थान की यह युवा नेता

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राहुल गांधी के साथ सुप्रीम कोर्ट मार्च में दिखीं जन्नत बिश्नोई, जानें कौन हैं राजस्थान की यह युवा नेता

सोमवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान एक युवा चेहरा चर्चा में आ गया। राहुल गांधी के साथ मार्च में नजर आईं इस छात्र नेता का नाम जन्नत बिश्नोई है। राजस्थान से ताल्लुक रखने वाली जन्नत दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में सक्रिय हैं और कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) से जुड़ी हुई हैं।

कौन हैं जन्नत बिश्नोई?

जन्नत बिश्नोई दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) में एग्जीक्यूटिव काउंसलर हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय के श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज में बीए सेकंड ईयर की छात्रा हैं। छात्र राजनीति में सक्रिय रहने के साथ वह कैंपस से जुड़े मुद्दों और छात्र आंदोलनों में भी हिस्सा लेती रही हैं।

जन्नत का नाम उस समय चर्चा में आया, जब राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के साथ वह सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़ते प्रदर्शनकारियों के बीच दिखाई दीं। प्रदर्शन के दौरान वह नेताओं के साथ ट्रक पर भी मौजूद थीं और नारे लगाती नजर आईं।

महिला सुरक्षा और कैंपस सुविधाओं के लिए उठाती हैं आवाज

जन्नत बिश्नोई छात्र राजनीति के साथ महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी सक्रिय रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके अभियानों में कॉलेज परिसर में सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क मजबूत करने और पिंक पुलिस बूथ जैसी सुविधाओं की मांग शामिल है।

उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर छात्र संगठनों के कार्यक्रमों और विभिन्न विरोध प्रदर्शनों से जुड़े वीडियो भी मौजूद हैं। एक वीडियो में वह महिलाओं के समूह के साथ प्रदर्शन करती और पितृसत्ता के खिलाफ नारे लगाती दिखाई देती हैं।

महिला सुरक्षा से जुड़े प्रदर्शनों में उनकी भागीदारी ऐसे समय में सामने आई, जब दिल्ली-NCR में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। इन प्रदर्शनों के संदर्भ में कालकाजी में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना का भी उल्लेख किया गया था।

पर्यावरण से जुड़े अभियान में भी भागीदारी

जन्नत बिश्नोई ने पर्यावरण से जुड़े अभियानों में भी हिस्सा लिया है। इनमें राजस्थान ट्री प्रोटेक्शन बिल से संबंधित अभियान शामिल बताया गया है। इससे उनकी गतिविधियां केवल कैंपस की राजनीति तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों तक भी पहुंचती हैं।

राहुल गांधी के साथ मार्च में क्या हुआ?

सोमवार को विपक्षी दलों के नेताओं और समर्थकों ने केंद्रीय दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च शुरू किया। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग शामिल थी। विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अनियमितताओं के आरोप भी लगाए।

इसी दौरान INDIA गठबंधन की लीगल टीम ने कथित ‘वोट चोरी’ से जुड़े मुद्दे पर चुनाव आयोग के प्रमुख के खिलाफ याचिका दायर की। मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारी नेताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। बाद में राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, जहां मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर अंतरिम रोक से संबंधित मांग उठाई गई।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच जन्नत बिश्नोई की मौजूदगी ने उन्हें चर्चा में ला दिया। हालांकि, उनकी पहचान मुख्य रूप से दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति और NSUI से जुड़ी सक्रियता के कारण है।